Monday, 3 February 2014

                                  Alice in wonderland    "सपनो की दुनिया"



 इसको सिर्फ एक सपना ही कहा जा सकता है , जहाँ मेंढक दौड़ता है , कुत्ता बोलता है  और इंसान छोटा बड़ा होता है। टिम बर्टन द्वारा निर्देशित फ़िल्म  ऐलिस इन वंडरलैंड की कहानी सपनो की दुनिया में होने वाले करतबो व घटनाओ को बयां करती है।
 
   फ़िल्म कि कहानी ऐलिस नामक एक लड़की को केंद्रित कर  बनाया गया है।  फ़िल्म में ऐलिस कि भूमिका में मिया वसीकोवस्का नजर आयी है।  ऐलिस बचपन में हमेशा एक ऐसी दुनिया के बारे में सोचती थी  जो एक सपने जैसे हो।  समय के साथ धीरे - धीरे ऐलिस बड़ी हो जाती है , और फिर एक दिन उनकी शादी होने वाली होती है , पर ऐलिस को ये शादी मंजूर ना था।  ऐलिस को  तभी एक खरगोश दिखता है , जो ऐलिस को अपनी तरफ आने को बोलता हो।  ऐलिस अचानक उसके पीछे दौड़ने लगाती है , और फिर खरगोश एक बिल में चला जता है  जिसके पीछे ऐलिस भी चली जाती है।  यही से शुरू होता है सपनो कि दुनिया का सफ़र।  ऐलिस अपने आप को ऐसे जगह पाकार घबरा जाती है , पर धीरे धीरे  उसके साथ वहाँ सब अच्छा होने लगता है।  ऐलिस का उस बिल में जाना एक भविष्यवाणी थी , जो वहा रह रहे कई लोगो के आजादी का पैगाम लेकर आयी थी , हालाँकि ऐलिस  को इस बात कि कोई जानकारी नहीं थी।

    फ़िल्म में जिस खूबसूरती के साथ  हर शॉट्स को दिखाया गया है उसे देख कोई कह ही नहीं सकता यह एक सपनो कि दुनिया है।  फ़िल्म में एनीमेशन का बहुत सफाई व बारीकी से यूज़ हुआ है जो इस बात का ज़रा भी पता नहीं लगाने देता कि , फ़िल्म में  दिखने वाला खरगोश , कुत्ता एनिमेटेड है।  फ़िल्म को जिस तरह एक ग्रीन रूम में शूट  कर उसे विभिन्न स्थानो में बांटा गया है वो वाकई काबिले तारीफ़ है।  आज के समय में बढ़ाते टेक्नोलॉजी ने जो फिल्मो में अपनी पहचान बना रखी है वो ऐलिस इन   वंडरलैंड  जैसे ही फिल्मो के कारण सम्भव है।

  सम्भवतः ऐसी फिल्मे देख लगता है , कि ये बच्चो के लिए है , पर जो कैमेरा एंगल व एनीमेशन का समन्वय इस फ़िल्म में  बैठता है  वो  न सिर्फ दर्शको के लिए बल्कि दूसरे और फ़िल्म मेकरों के लिए भी एक ज्ञान की पाठशाला  है।  ऐसी फिल्मे सिर्फ मनोरंजन नहीं करती बल्कि लोगो को सोचने व समझने का एक नया  रास्ता भी देती है।  अक्सर फ़िल्म निर्माता  सपनो कि दुनिया को बयां करने में  कुछ न कुछ चुक कर देते है।  या यूँ  कह ले थोड़ी बहुत कसर रह जाती है , पर जिस तरह से  टिम बर्टन ने हर एक लम्हे को कैमरे व एनीमेशन के माध्यम से  प्रस्तुत किया है  उसे देख किसी का भी मुह खुला का खुला रह सकता है।
 
फ़िल्म में  मिया वसीकोवस्का की  अदाकारी  काफी हद तक ऐलिस के रोल में फिट बैठती है।  वहीँ अगर फ़िल्म के दूसरे कलाकारो की बात करें तो मैड हॉटर( जॉनी डेप ) लाल रानी ( हेलेना बोनहम कार्टर)  सफ़ेद रानी ( ऐनी हटवे)  इत्यादि ने भी बेमिसाल एक्टिंग का परिचय दिया है।
 
  आखिर में सिर्फ इतना कहना चाहूँगा कि  एनिमेटेड फिल्मे सिर्फ बच्चो के लिए ही नहीं , बल्कि बड़ो  के लिए भी  होता है।
फ़िल्म ऐलिस इन वंडरलैंड को मै छः में से पांच स्टार्स देना पसंद करूंगा। 

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